मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालय, नदियों और प्राकृतिक सौंदर्य की भूमि के साथ ही समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और विशिष्ट लोक विरासत वाला राज्य है। हमें अपनी इस विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के ही काम आए। पर्यटन, स्वरोजगार, स्थानीय उत्पादों और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के माध्यम से आज प्रदेश में रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रबुद्धजनों के अनुभव, युवाओं की ऊर्जा और जनता की आकांक्षाओं को साथ लेकर एक ऐसे विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध उत्तराखण्ड का निर्माण करें, जिस पर आने वाली पीढ़ियां गर्व कर सकें।
