देहरादून। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा से विधायक रहे दिवंगत भीमा मंडावी की पुत्री दीपा मंडावी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव उनके पीजी के कमरे में फंदे से लटका मिला। वह देहरादून के साईं इंस्टीट्यूट से फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रही थीं। गणतंत्र दिवस की शाम हुई इस घटना के बाद उनके परिवार के लोग देहरादून पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद दीपा का शव उन्हें सौंप दिया है। दीपा के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसएचओ डालनवाला मनोज मैनवाल ने बताया कि दीपा मंडावी की उम्र करीब 22 वर्ष थी। वह 2022 में देहरादून आई थीं। वर्तमान में बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी कोर्स की तृतीय वर्ष में थीं। वह यहां पर किराये के कमरे में रहती थीं, लेकिन कुछ दिन पहले अपने घर दंतेवाड़ा गई थीं। वहां से आने के बाद करीब एक सप्ताह पहले ही वह करनपुर स्थित पीजी में आकर रहने लगीं। यहां पर दीपा के साथ उनकी सहेली भी रहती थी। उनकी सहेली रविवार शाम करीब चार बजे किसी काम से बाहर गई थी। वहां से करीब पांच बजे लौटी तो देखा कि दीपा का कमरा अंदर से बंद है। काफी आवाज लगाने पर भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो सहेली ने खिड़की से झांककर देखा। इस दौरान पता चला कि दीपा अंदर पंखे के सहारे फंदे पर लटक रही है। उन्होंने इसकी सूचना पीजी के मालिक को दी। पुलिस भी मौके पर पहुंची। दीपा को फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दीपा के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बता दें कि दीपा के पिता भीमा मंडावी भाजपा विधायक थे। नौ अप्रैल 2019 में नक्सलियों ने उनकी हत्या कर दी थी। अब दीपा की मृत्यु के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
Related Posts
अधिकारियों व कर्मचारियों की जिला मुख्यालय पर उपस्थित अनिवार्य कर दी गई
- Admin
- December 27, 2024
- 0
आईएसबीटी सुगम सुव्यवस्थित यातायात सुधारीकरण कार्य पूर्णता की ओर
- Admin
- February 19, 2025
- 0
