मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वरिष्ठजन अनुभव, संस्कार और जीवन मूल्यों की वह धरोहर हैं, जिनसे नई पीढ़ी को निरंतर मार्गदर्शन मिलता है। उनके सम्मान और सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी समाज के साथ सरकार की भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 9.90 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है, जहाँ पति-पत्नी दोनों को पेंशन का लाभ देने की व्यवस्था भी की गई है। वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भरण-पोषण अधिनियम तथा बुजुर्गों के लिए निःशुल्क तीर्थाटन हेतु दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना संचालित की जा रही है।
