उत्तराखंड सदियों से साहित्य, संस्कृति और सृजन की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है:” मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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उत्तराखण्ड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कालाढूंगी, नैनीताल में आयोजित ‘अभिव्यंजना 5.0’ वार्षिक अधिवेशन में युवा साहित्यकारों, सम्मानित कवियों एवं रचनाकारों को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कवि समाज की चेतना के संवाहक, विचारों के मार्गदर्शक और परिवर्तन के प्रेरणास्रोत होते हैं। उनकी रचनाएं समाज को दिशा देने, संवेदनाओं को स्वर देने तथा समय का यथार्थ प्रतिबिंब प्रस्तुत करने का कार्य करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से साहित्य, संस्कृति और सृजन की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है। हमारी साहित्यिक विरासत आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ते हुए एक सशक्त भविष्य की ओर प्रेरित कर रही है।

इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कवि Dr. Kumar Vishwas , प्रख्यात साहित्यकार एवं पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर तथा वीर रस के कवि डॉ. हरिओम पंवार  सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।